Child Health Problems

बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं: उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार और घरेलू उपचार | Child Health Problems & Remedies

हर माता-पिता सबसे पहले अपने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं। जैसे-जैसे बच्चे बढ़ते हैं, कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं, जो माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। वैसे तो ये समस्याएं मामूली होती हैं और देखरेख करने से इन्हें रोका जा सकता है। इस ब्लॉग में हम बच्चों में पाई जाने वाली कुछ स्वास्थ्य समस्याओं (Child Health Problems in Hindi) और उनके समाधान पर चर्चा करेंगे।

Table of Contents

1. बच्चों में खांसी और जुकाम:

बच्चों में खांसी और जुकाम

बच्चों में खांसी और जुकाम का कारण:

बदलता मौसम, ठंडा मौसम और एलर्जी। वायरल संक्रमण से संक्रमित होने पर। धूल, धुआं, या प्रदूषण के कारण।

बच्चों में सर्दी जुकाम के लक्षण:

नाक बहना या बंद होकर जाम हो जाना। गले में खराश का होना। हल्का बुखार आना, माथा गर्म होना, खांसी आना।

बच्चों में सर्दी खांसी और जुकाम का इलाज:

बच्चे को गर्म पानी और गर्म पेय दें। गुनगुने पानी में हल्का नमक डालकर गरारे कराएं। कमरे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग अवश्य करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी एंटीबायोटिक्स न दें।

2. बच्चों में पेट में दर्द और गैस की समस्या:

बच्चों में पेट दर्द

बच्चों में पेट में दर्द का कारण:

ज्यादा तेल और मसाले वाला असंतुलित आहार। किसी भी प्रकार का संक्रमण या फूड प्वाइजनिंग भी एक कारण हो सकता है। कब्ज या गैस भी पेट दर्द का कारण बन सकता है।

बच्चों में पेट में दर्द के लक्षण:

पेट में ऐंठन या मरोड़ बनी रहे। दस्त या कब्ज की शिकायत हो। उल्टी या मतली की परेशानी।

बच्चों के पेट में दर्द के घरेलू उपाय:

बच्चे को हल्का और स्वस्थ भोजन दें। किसी बोतल में हल्के गुनगुने पानी को भरकर सेंकें, पेट को आराम मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा फाइबर से भरपूर भोजन दें। यदि दर्द असहनीय हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

3. बच्चों में बुखार (Fever in Children):

बच्चों में बुखार

बच्चों में बुखार के कारण:

वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के फैलने से। कभी-कभी टीकाकरण के बाद सुई के प्रभाव से बुखार आता है। शरीर में पानी की कमी के कारण भी बुखार आता है।

बच्चों में बुखार के लक्षण:

जब शरीर का तापमान 100°F से अधिक हो तो समझ जाएं कि यह बुखार का लक्षण है। शरीर में सुस्ती बनी रहती है और भूख नहीं लगती है। सिर में दर्द बना रहता है और ठंड भी लगती है।

बच्चों के बुखार की दवा:

बच्चों को पर्याप्त पानी और तरल पेय पदार्थ जरूर दें। गुनगुने पानी की पट्टियां माथे पर रखें। कोई भी दवाई (पैरासिटामोल) डॉक्टर की सलाह पर दें।

ये भी पढ़ें: बच्चों के आहार से जुड़ी अहम बातें – संतुलित पोषण से बूस्ट करें हेल्थ और इम्युनिटी

4. बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याएं (रैशेज और एलर्जी):

बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याएं

बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण:

कीड़े के काटने पर त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कभी-कभी साबुन, कपड़ों या खाने के पदार्थों से एलर्जी हो सकती है। संक्रमण या गर्मी के कारण भी त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।

बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याओं के लक्षण:

लाल दाने और खुजली इसका लक्षण हो सकता है। त्वचा पर सूजन भी इसका एक लक्षण है। सूखापन या फुंसियां भी हो सकती हैं।

बच्चों में त्वचा संबंधी समस्याओं का समाधान:

जिस जगह पर परेशानी हो, उस जगह को हल्के गुनगुने पानी से धोएं। उस जगह पर त्वचा को मॉइस्चराइज करें। कोई भी क्रीम या दवाई डॉक्टर की सलाह से लगाएं।

5. बच्चों में नींद की समस्या (इंसोम्निया):

बच्चों में नींद की समस्या

बच्चों को नींद ना आने का कारण:

स्क्रीन टाइम बहुत अधिक होना। समय से न सोने की दिनचर्या। किसी बात की चिंता या डर।

बच्चों को नींद आने के लक्षण:

नींद न पूरी होना, बार-बार जागना। बच्चों में चिड़चिड़ापन। बच्चों में थकान और आलस्य होना।

बच्चों को नींद आने के घरेलू उपाय:

रात को सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें। सुबह उठने का और रात को सोने का सही समय निर्धारित करें। हल्के और शांत रिलैक्सिंग संगीत से बच्चों को सुलाएं।

6. बच्चों में उल्टी और दस्त (डायरिया):

बच्चों में उल्टी और दस्त-डायरिया

बच्चों में दस्त के कारण (Diarrhea in Children):

वायरल संक्रमण एक कारण हो सकता है। गंदा और दूषित भोजन या पानी ग्रहण करने से। ज्यादा मात्रा में जूस या डेयरी से बने पदार्थों का सेवन।

बच्चों में दस्त से संबंधित लक्षण:

बार-बार पतले दस्त होना। कमजोरी और पानी की कमी। पेट में दर्द बनी रहना।

बच्चों में दस्त का इलाज:

बच्चों को ORS का घोल थोड़ी-थोड़ी देर पर देते रहें। हल्का और हजम करने वाला भोजन दें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं। यदि ज्यादा परेशानी हो और स्थिति बिगड़ रही हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष:

बच्चों की स्वास्थ्य समस्या सामान्य होती हैं, मगर घरेलू उपचार से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है। अगर लक्षण गंभीर हो या ज्यादा समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लें। स्वस्थ भोजन, व्यायाम, स्वच्छता बनाए रखना बहुत अनिवार्य है।

FAQs

मेरे बच्चों को बार-बार सर्दी होती है, मैं क्या करूं?

जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे बच्चे जल्दी संक्रमित होते हैं। संतुलित आहार, पूरी नींद, स्वच्छता का ध्यान रखने से सर्दी की संभावना कम होती है।

बच्चे को बुखार हो तो डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर बच्चे का तापमान 102°F से अधिक है, और बच्चा सुस्त है, उल्टी लगातार हो रही हो, तीन दिन तक बुखार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

पेट दर्द के लिए घरेलू उपचार क्या है?

हल्का गुनगुना पानी, अदरक की चाय (बड़े बच्चों के लिए) पेट पर तेल से हल्की मालिश, और फाइबर वाला पदार्थ खाने से आराम मिल सकता है।

बच्चे को अच्छी नींद के लिए क्या करें?

कमरे में हल्की रोशनी रखें, रात को सोने से पहले स्क्रीन टाइम बंद करें, सही टाइम फिक्स करें रात को सोने का, कोई ऐक्टिविटी कराएं जैसे किताब पढ़ना।

बच्चों में एलर्जी से बचने के लिए क्या करें?

बच्चों के खान-पान पर और आस-पास की चीजों पर ध्यान दें। कुछ भी खिलाने से पहले यह देखें कि उससे एलर्जी तो नहीं हो सकती है। धूल-मिट्टी से बचाएं। एंटी-एलर्जिक दवाएं डॉक्टर की सलाह पर खिलाएं।

Media source: Canva.com

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