गर्मी में बच्चों की देखभाल करना बहुत आवश्यक होता है। बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए सभी माता-पिता को उनकी जीवनशैली और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, खासतौर पर तब जब तापमान 40° या 45°C से भी ज्यादा हो जाता है। तो यहाँ पर हम आपको कुछ ऐसे ही आसान और असरदार तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके द्वारा आप अपने बच्चों को आसानी से दिनभर हाइड्रेट रख सकते हैं।
बच्चों को हाइड्रेट कैसे रखें?

बच्चों को एक-एक घंटे पर थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाते रहना चाहिए, क्योंकि बच्चे एक बार में ज्यादा पानी नहीं पी पाते हैं और कुछ बच्चे तो पानी पीना ही नहीं चाहते हैं। गर्मी में बच्चों की देखभाल के लिए, ऐसे बच्चों को कोई अलग तरह की रंगीन या आकर्षक दिखने वाली बोतल या स्ट्रा वाली बोतल दे सकते हैं, जो उनको अधिक पसंद आए।
बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के तरीके:

लस्सी और छाछ पिलाएं
दही से बनी ड्रिंक्स का सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए गर्मी के मौसम में बच्चों को लस्सी और छाछ ज़रूर पिलाएं। ये कई बच्चे आसानी से पी लेते हैं और इससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है।
नारियल पानी पिलाएं
नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी नहीं होती। यह बच्चों के लिए हेल्दी होने के साथ-साथ टेस्टी विकल्प भी है। बच्चे इसे पीना पसंद भी करते हैं।
खीरा और तरबूज खिलाएं
खीरा और तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, लगभग 90% से भी अधिक पानी ही होता है। इसलिए गर्मी के मौसम में बच्चों को ये जरूर खिलाना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और शरीर को ठंडक भी मिलती है।
नींबू पानी का सेवन
गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए नींबू पानी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। नींबू पानी का सेवन करना डिहाइड्रेशन से बचाने के साथ-साथ बच्चों को ताजगी भी प्रदान करता है। इसे थोड़ा सा शहद या गुड़ मिलाकर भी दिया जा सकता है। इससे नींबू पानी का स्वाद और फायदे बढ़ जाते हैं।
फलों का ताजा जूस पिलाएं
गर्मी के मौसम में बच्चों को ताजे फलों का जूस पिलाने से पानी की कमी नहीं होती। इस मौसम में अनेक प्रकार के फल जैसे- तरबूज, संतरा, अनार, मौसमी आदि बाजारों में आसानी से मिल जाते हैं। इसलिए इन फलों के जूस बच्चों को जरूर पिलाएं। ये शरीर में मिनरल्स की मात्रा को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
सत्तू का शरबत पिलाएं
सत्तू के सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है और शरीर को एनर्जी भी मिलती है। इसलिए, गर्मी के मौसम में सत्तू का शरबत बच्चों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
हर्बल शरबत पिलाएं
गर्मी के मौसम में शरबत का सेवन काफी फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में बेल के शरबत को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। बेल का शरबत पीने से शरीर को ठंडक भी मिलती है और लू से भी बचाव होता है। इसके अलावा और भी हर्बल शरबत जैसे- सौंफ का शरबत, आमपन्ना, गुलकंद, जलजीरा आदि पारंपरिक पेय भी बच्चों के शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करते हैं।
गर्मी में बच्चों का खानपान
गर्मी में बच्चों का खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उन्हें जंक फूड खाने से रोकें और हेल्दी खाने को प्राथमिकता दें। गर्मी में इन चीजों का सेवन अधिक करें, जैसे-
दही:
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं। यह शरीर और पेट दोनों को आराम प्रदान करता है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है।
सलाद:
बच्चों के आहार में टमाटर, खीरा, गाजर आदि से बनी सलाद को जरूर शामिल करें, क्योंकि इनमें फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती है। जिसके कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होती और वे स्वस्थ रहते हैं।
हरी साग-सब्जियाँ
गर्मी के मौसम में बहुत ज्यादा तली-भुनी या अधिक मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। अत्यधिक तैलीय और मसालेदार खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए बच्चों के आहार में हरी सब्जियाँ जैसे- पालक, लौकी, भिंडी, तुरई आदि को शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी होता है।
तेज धूप में खेलने से बचाएं
इस मौसम में तेज धूप बच्चों के लिए नुकसानदायक होती है, क्योंकि अधिक धूप लगने से पसीना बहुत ज्यादा आता है, जिससे शरीर में पानी की मात्रा कम हो सकती है। गर्मी के मौसम में बच्चों के खेलने के लिए सुबह या शाम का समय अधिक उपयुक्त रहता है।
गर्मी में बच्चों की देखभाल के अन्य कारगर तरीके:

हल्के एवं सूती कपड़े पहनाएं
गर्मी के मौसम में बच्चों को सूती कपड़े ही पहनाने चाहिए, क्योंकि सूती कपड़े हल्के होने के साथ-साथ पसीना सोखने में भी सहायक होते हैं।
प्रतिदिन नहलाएं
बच्चों को प्रतिदिन नहलाना जरूरी होता है, क्योंकि पसीने की वजह से घमौरियाँ और रैशेज जैसी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। हमेशा ध्यान रखें कि पानी बहुत गर्म या अत्यधिक ठंडा न हो।
घर के बने आइस पॉप्स खिलाएं
गर्मी के मौसम में बच्चों को मार्केट की बनी आइसक्रीम खिलाने के बजाय घर पर फलों के जूस या नारियल पानी से आइस पॉप्स बनाकर दें। यह बच्चों के लिए मजेदार भी होगा और डिहाइड्रेशन भी नहीं होगा।
निष्कर्ष
ऊपर बताए गए सभी तरीकों और सुझावों का पालन करके आप अपने बच्चों को गर्मी में बच्चों की देखभाल कर सकते हैं और उन्हें गर्मी से बचाकर होने वाली समस्याओं से सुरक्षित रख सकते हैं। इस मौसम में बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा आवश्यक होता है। तो आप भी आसान एवं प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर उनकी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
तो क्या आप भी अपने बच्चों को हाइड्रेट रखने के लिए इन सुझावों का पालन करते हैं? अपने अनुभव कमेंट करके शेयर करें।
FAQs
डिहाइड्रेशन को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?
डिहाइड्रेशन को ठीक करने का सबसे तेज तरीका है कि तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें, जैसे स्पोर्ट्स ड्रिंक या ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS)।
बच्चों को लू लग जाए तो क्या करें?
बेल का रस लू उतारने का सबसे अच्छा तरीका है। बच्चे को नींबू पानी अधिक पिलाएं। बेल का शरबत पिलाना भी लू से राहत दिलाने के लिए अच्छा विकल्प है। ठंडे पानी से नहलाएं या ठंडे पानी में कपड़े को गीला करके शरीर पर पोछें।
बच्चों के पेट में गर्मी हो जाए तो क्या करना चाहिए?
दही या छाछ को डाइट में शामिल करें। सत्तू का शरबत और नारियल पानी पिलाएं। तरबूज या खीरे का सेवन अधिक मात्रा में कराएं।
निर्जलीकरण की स्थिति में बच्चों को क्या नहीं देना चाहिए?
बच्चों को सादा पानी देने के बजाय ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिया जा सकता है, क्योंकि सिर्फ पानी में सही पोषक तत्व नहीं होते हैं।
बच्चों में निर्जलीकरण के क्या लक्षण हैं?
जल्दी थकान महसूस करना, सुस्ती और चिड़चिड़ापन, पेशाब कम आना, रोते समय आँसू न आना, जल्दी वजन कम होना
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